JAI GURU GEETA GOPAL

गुरुर्देवो गुरुर्धर्मो गुरौ निष्ठा परं तपः। गुरोः परतरं नास्ति त्रिवारं कथयामि ते ।। भगवान शिवजी कहते हैं - "गुरु ही देव हैं, गुरु ही धर्म हैं, गुरु में निष्ठा ही परम तप है। गुरु से अधिक और कुछ नहीं है। यह मैं तीन बार कहता हूँ।" (श्री गुरुगीता श्लोक 152)........... हरेर्नाम हरेर्नाम हरेर्नामैव केवलम ! कलौ नास्त्येव नास्त्येव नास्त्येव गतिरन्यथा !! "इस ब्लॉग में जो भी इसमें अच्छा लगे वो मेरे गुरू ब्रह्मलीन स्वामी कल्याण देव जी का प्रसाद है, और जो भी बुरा लगे वो मेरी न्यूनता है" मनीष कौशल

Monday, August 20, 2018

गुरु गोरखनाथ जी (Guru Gorakhnath ji)

›
महायोगी गुरु गोरखनाथजीजी महायोगी गोरखनाथजी मध्ययुग के एक विशिष्ट महापुरुष है। गोरखनाथजी के गुरु मत्स्येन्द्रनाथ जी (मछंदरनाथ) थे। इ...
‹
›
Home
View web version

About Me

Jai Guru Geeta Gopal
View my complete profile
Powered by Blogger.